HMPV:HMPV वायरस से बचने का ये है उपाय!!

HMPV वायरस से कैसे बचें??

दोस्तों HMPV अभी एक वैश्विक बीमारी नहीं है।बस कुछ देशों में ही अपना प्रकोप बनाया है। यह सच है की भारत में इसका असर दिखने लगा है क्योंकि इसका विस्तार बगल के देश चीन से हुआ है। क्योंकि आज के दिन अंतर्राष्ट्रीय यातायात एक आम साधन है, लोगों का एक दूसरे के बीच अपना संपर्क स्थापित करने के लिए।

इसीलिए यह बीमारी भी वहां से भारत आने में ज्यादा टाइम नहीं लिया क्योंकि शुरुआती में इसकी जानकारी लोगों को नहीं थी जिसके कारण इसका जांच पड़ताल एयरपोर्ट तथा समस्त यातायात स्थल पर नहीं किया गया जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति भी एयरपोर्ट पर आए और एक आम नागरिक जैसा यातायात में सफर किया जिसके कारण यह वायरस उस देश से हमारे देश में फैल कर अपना असर दिखाने लगा है।

HMPV से क्या क्या नुकसान हो सकता है?

अब सवाल यह है कि बीमारी तो आ गई है पर इसे बचे कैसे ?अगर इससे नहीं बचे तो क्या-क्या अंजाम भुगतना पड़ सकता है?आईए जानते हैं उनके बारे में ।। जैसा की कोरोनावायरस एक वैश्विक वायरस बनकर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी को जन्म दिया था इस तरह से HMPV भी एक वायरस वाला बीमारी है।

दोस्तों जैसा कि हम लोग सब जानते हैं की एंटीबायोटिक वायरस के खिलाफ कारगर दवाई नहीं है क्योंकि जिस संरचना पर एंटीबायोटिक काम करता है वह संरचना वायरस में उपस्थित नहीं रहता है। वायरस एक अत्यंत छोटा अनु है जो की बैक्टीरिया से भी बहुत छोटा होता है।

HMPV वायरस का लक्षण

यह उस वर्ग के गिनती में आता है जिसका जीव, सजीव और निर्जीव दोनों तरह का लक्षण दर्शाता है। वायरस जब तक किसी कोशिका के बाहर रहता है तब तक वह निर्जीव के रूप में गिना जाता है क्योंकि उस समय वह ना ही तो अपना मेटाबॉलिज्म सक्रिय रखता है और ना ही अपने बीमारी फैलने वाली क्षमता को सक्रिय रखता है। पर जैसे ही वह किसी सजीव की कोशिका में प्रवेश करता है तब से वह वह संजीव के जैसा प्रतीत होने लगता क्योंकि उनका सारा गतिविधि सजीव के जैसा दिखने लगता है।

एक संजीव का लक्षण होता है की वह अपने शरीर की कोशिका को जीवित रखने के लिए ऊर्जा का इस्तेमाल करें और वायरस जब किसी सजीव के शरीर में प्रवेश करता है तब से वह उस सजीव का ऊर्जा को इस्तेमाल करके अपना संख्या बढ़ाने लगता है तथा अपना मेटाबॉलिज्म को लगातार बढ़ाते चले जाता है। और वह जीव वायरस के द्वारा उत्पन्न की गई गंदगी तथा और अनौपचारिक पदार्थ के कारण बीमार पड़ने लगता है।

HMPV पर doctor का सुझाव

इसलिए अगर वायरस से बचना है तो हमें हर हाल में उन सभी चीजों का ध्यान रखना पड़ेगा जिसके कारण कि ये वायरस हमारे शरीर में प्रवेश करता है। अगर हम उनके प्रवेश करने का तारिका को बाधित कर देते हैं तो यह संभव है कि हम इसके प्रभाव से बच सकते हैं।

जैसा की कोरोना महामारी के दौरान हमने देखा था कोरोना से बचने के लिए, हमारे डॉक्टर ने हमें साबुन से हाथ धोने के लिए ,सैनिटाइजर उपयोग करने के लिए तथा समस्त चीजों का इस्तेमाल करने के लिए कहा था इसके जरिए वायरस के फैलाव को रोक सके ।हमने अपने आप को उससे बचाया भी था जिसके कारण की आज कोरोना हमारे बीच उस रूप का भयानक दृश्य नहीं दिखा पा रहा है जैसा कि वह शुरू में किया था ।

7 उपाय जिससे कि HMPV से बच सकते हैं।

तो चलिए अब जानते हैं किस विधि से हम इससे बच सकते हैं,क्या-क्या है वह उपाय जिसके जरिए हम इस वायरस से दूर रह सकते हैं और इसका प्रभाव से हम बच सकते हैं,
1.अपने हाथों को लगातार साबुन और पानी से धोना

2.गंदे हाथों से नाक मुंह कान इत्यादि अंगों को नहीं छूना,

3.संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना

  1. खाँसते और छीकते समय अपने मुंह को रुमाल से ढके या फिर अपने मुंह को छीकते समय हाथ से जरूर ढके ताकि आपके मुंह से निकला हुआ कोई भी पदार्थ हवा में फैल कर किसी और तक नहीं पहुंचे,
  2. संक्रमित व्यक्ति के सामान को नहीं छूना है ।अगर संक्रमित व्यक्ति आपके परिवार का है तो उसके सामान को बहुत ध्यान से लगातार साफ सफाई करते रहना है, ताकि परिवार का कोई और सदस्य उसे प्रभावित ना हो
  3. अगर आप स्वयं संक्रमित है तो पूरे सदस्य को सूचित करकेखुद को आइसोलेट कर ले।ताकि आपका संक्रमण किसी और सदस्य तक नहीं पहुंचे
  4. बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग को इससे खास रूप से बचाने का प्रयास करें ,इन सभी विधि अपना कर हम इस बीमारी से बच सकते हैं।
    हम आशा करते हैं कि आप इन सभी विधियों को जरूर अपनाएंगे और इसका संक्रमण को भारत में फैलने से रोकें।

धन्यवाद

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